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यशोवर्द्धन सम्मान

“श्रीमन्निग्रहाचार्ययशोवर्द्धनसम्मान” पूज्यपाद निग्रहाचार्य महाभाग के पच्चीसवें जन्मदिन से प्रारम्भ किया गया है। यह सम्मान प्रत्येक वर्ष सनातन धर्म के किसी भी क्षेत्र से जुड़कर निष्ठापूर्वक उल्लेखनीय कार्य करने वाले महानुभावों को प्रदान किया जाता है। इस सम्मान में सम्मानित व्यक्ति को एक सम्मान-पत्र, एक उत्कीर्णित रजतमुद्रा एवं निग्रहाचार्य जी के लिखे गये कुछ ग्रन्थ समर्पित किये जाते हैं। यह सम्मान प्रत्येक वर्ष फाल्गुन शुक्ल ‘नृसिंह’ द्वादशी को प्रदान किया जाता है।

Shriman-Nigrahacharya-Yashovardhan-Samman is an honor started from the 25th birthday of His Holiness Shri Nigrahacharya. This honor is given to 12 people per year who are doing remarkable works in any field related to Sanatan Dharma. The recipients of this honor get an ‘Honour-Certificate’, an ‘Engraved Silver Coin’ and some books written by Shri Nigrahacharya. This honor is given on Phalguna Shukla ‘Nrisimha’ Dvadashi of every year.

विक्रम संवत् – 2078 के सम्मानित व्यक्ति

क्षेत्र – धर्मरक्षण

१) श्री त्रिदण्डी स्वामी गोपालाचार्य जी
२) श्री दण्डी स्वामी ब्रजेश्वराश्रम जी
३) श्रीमज्जगद्गुरु रामानुजाचार्य वासुदेवाचार्य ‘विद्याभास्कर’ जी
४) श्री पद्मनाभ शरण देवाचार्य जी
५) राजेश्री महन्त रामसुन्दरदास जी
६) स्वामिश्री सत्यात्मतीर्थ जी
७) आचार्य सियारामदास नैयायिक जी (अस्वीकृति) / आचार्यश्री कौशलेन्द्र कृष्ण जी

क्षेत्र – ज्यौतिष्

८) श्री ब्रजेश पाठक ‘ज्यौतिषाचार्य’ जी

क्षेत्र – शिक्षा

९) विद्यावारिधि आचार्य दीनदयालमणि त्रिपाठी जी
१०) आचार्य अरुण कुमार पाण्डेय जी
११) सुश्री उषा राणी संका जी

क्षेत्र – गौसेवा

१२) श्री सीताराम सिंह जी

(प्रतीक छायाचित्र – शिवरीनारायण मठ (रामानन्दीय) एवं दूधाधारी मठ, छत्तीसगढ़ के महन्त तथा छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री रामसुन्दरदास जी महाराज को श्रीनिग्रहाचार्य-प्रतिनिधि मेदिनी कुमार दुबे विक्रम संवत् – २०७८ का “श्रीमन्निग्रहाचार्ययशोवर्द्धनसम्मान” निवेदित करते हुए )